आप सभी के सहयोग से विवाद समाप्त - धन्यवाद

2:24 pm गजेन्द्र सिंह 28 Comments

नमस्कार ब्लॉगर बंधुओ,

जैसा की आप सभी को मालूम होगा कि दिनांक १४-०९-२०१० को ब्लॉग पर प्रकाशित हुई एक पोस्ट पर कुछ लोगो द्वारा कि गई असभ्य टिप्पणियों के कारण ब्लॉग पर एक पोल विजेट लगाया गया था, जिसमे आप सभी ब्लॉगर बंधुओ से इस विवाद पर आपकी राय मांगी गयी थी जिसका नतीजा निचे दिए गए इमेज से आप सभी को पता चल ही रहा होगा।
कुछ मित्रो ने टिप्पणियों के द्वारा अपनी राय प्रकट कि थी, कुछ लोगो कि राय थी कि इस पोस्ट को ब्लॉग से निकल दिया जाये जबकि कुछ लोगो कि राय थी कि इस पोस्ट को ब्लॉग पर बने रहने दिया जाये.

पक्ष और विपक्ष में दिए गए कुछ तर्क यहाँ लिख रहा हूँ, में यहाँ किसी का नाम नहीं लिख रहा हूँ और नहीं मेरा इरादा इन पर किसी प्रकार का कोई नया विवाद खड़ा करने का है. ये इन लोगो की अपनी राय है और भारत में हर कोई आजाद है अपने विचार रखने के लिए .

में आभारी हूँ इन सभी मित्रो का जिन्होंने मेरे ब्लॉग पर आकर इस विवाद को हल करने में मेरी सहायता की और साथ ही उन सभी का भी जिन्होंने वोटिंग के जरिये अपनी राय दी .............. धन्यवाद

पोस्ट को हटाने के पक्षधर लोगो के तर्क कुछ इस प्रकार थे :-

१. अपनी मर्जी के मालिक आप हैं। हां इतना जरूर कहूंगा कि अगर ब्‍लाग जारी रखते हैं तो अब भी मेरा यही निवेदन है उक्‍त पोस्‍ट जैसी पोस्‍ट लगाने सें बचें।
२. आपको इस तरह का व्यंग्य लिखने से बचना चाहिए था और उस पोस्ट को हटा लेना चाहिए
३. आप अच्छी सामग्री दे रहे हैं। देते रहिए। मेरी समझ से आप को न तो इस तरीके की आवश्यकता है और न ही 'सीता टाइप' लेखों की।
४. आपको इस तरह का व्यंग्य लिखने से बचना चाहिए था,लेखनी से किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुँचती है तो हमारा लिखने का क्या ओचित्य
५. आप उस पोस्ट
को हटा दें या नए सिरे से लिखें तो बेहतर है...ये मेरी दोस्त के नाते राय भर है...ज़रूरी नहीं कि आप इसे मानें...
६. यदि आपने यह ब्लॉग दुसरो की भावनाओं को आहात करते हुए चलने के लिए नहीं बनाया है तो आपको ये पोस्ट निकाल देनी चाहिए |
७. कृपया ऐसी पोस्‍ट दुबारा न लगाएं जिसमें किसी जाति,धर्म या समुदाय विशेष का उपहास उड़ाया जा रहा हो।
८. मकबूल फ़िदा हुसैन जैसे घटिया चित्रकार को भी आपने पीछे कर दिया जब एक व्यक्ति अपने ही ईस्ट देवो का मजाक उडाता है तो आप दुसरो से क्या उम्मीद कर सकते हो.
९. अगर हम राम और सीता को सामान्य मानव भी माने तो भी आपका हास्य नीच प्रकृति ही माना जाना चाहिए

पोस्ट को ब्लॉग पर बने रहने के पक्षधर लोगो के तर्क कुछ इस प्रकार थे :-

१. रचनाकार की कल्पना ..जो न करवा ले कम है ..
२. मजा आ गया, क्या व्यंग लिखा है आपने ........
३. उच्च कोटि का व्यंग .......बढ़िया लगा ..........
४. भई वाह....वाह...वाह.. हम तो आपके fan हो गए
५. मज़ेदार। अगली पोस्ट का इंतज़ार रहेगा।
६. व्यंग को केवल व्यंग के नजरिये से ही पढ़ा जाये तो ज्यादा बेहतर है ...
७. की कित्ता पाजी तुस्सी ता कमाल कित्ता जी , आपका नदाज़ बहुत ही पसंद आया भई
८. इस तरह के व्य्ग्य से यह फ़ायदा है कि फ़तवा जारी नही होता . keep it up .
९. ha ha what an anachronism!I mean 'kaal vipryay ' -
१०. आपका लिखा पढ़कर आनन्द आया, बढ़िया लिखा है।
११. टेंशन नहीं लेने का यार...कुछ प्रतिक्रियायें यह घोषणा सी करती दिखती हैं, कि हिन्दू धर्म जो समझदारी और सहिष्णुता का पर्याय माना जाता है, अब असहिष्णुता व कट्टरवाद की ओर बढ़ रहा है..
१२. पूरा विश्वास है श्री राम और माँ सीता भी इसे हास्य रूप में ही ले रहे होंगे...
१३. आपकी पोस्ट की चर्चा ब्लाग4वार्ता पर है-पधारें
१४. jab c grade kee nangi heroine sita ka rol karti hai, wahan use pujyneey bana diya hai...
१५. maine aapki post par tippni dali thi padh kar hi magar use sirf eh hasya samajh कर
१६. मुझे तो पढ कर बडा मजा आया और इससे मेरी श्री राम जी के प्रतिश्रध्दा में कोई अंतर नही आया ।
१७. आपका ब्लॉग बहुत अच्छा है .... इसे बंद करने का विचार आप अपने दिल से निकल दीजिये ,
१८. वैसे भी दुनिया में शायद ही ऐसी कोई चीज ही जिस पर विवाद न होता हो,

अब आते है इस बात पर की ब्लोगिंग बंद करनी है या नहीं, तो जनाब सभी बातो पर विचार करने के बाद यही फैसला किया है कि ब्लोगिंग चालू रखी जाये. वैसे भी हम मैदान छोड़ने वालो में से नहीं है,
और फिर जो हो चुका है उस पर क्या रोना, इस बात का आधार
ओशो रजनीश जी की ये टिपण्णी है : -

ओशो रजनीश ने कहा…

गजेन्द्र जी ,

आपके ब्लॉग पर आये थे की कुछ नया मिलेगा, लेकिन अभी तक आपका ये विवाद ही नहीं निपटा है . गजेन्द्र जी हमारी माने तो एक बात कहे पसंद आये तो मन लीजियेगा न पसंद आये तो आपकी इच्छा ....................

आपके पोल विजेट पर प्राप्त वोटो को संख्या ही दर्शाती है कि आपको क्या करना चाहिए,

एक और कारण है इसका - कही पढ़ा था कि इन्टरनेट पर लिखा गया हर शब्द अमर हो जाता है ( शायद रवि रतलामी जी के ब्लॉग - छीटे और बौछारे पर ) फिर आपका इस पोस्ट को ब्लॉग से निकलने का क्या फायदा ?

जो हो चुका है उसे ऐसे ही रहने दीजिये और आगे चलिए .......... मंगल कामनाये आपको उत्तम लेखन के लिए

गीता में श्री कृष्ण ने भी कहा है -- जो हुआ अच्छा हुआ, जो हो रहा वह भी अच्छा ही हो रहा है और जो होगा वह भी अच्छा ही होगा

28 टिप्‍पणियां:

  1. गीता में कृष्ण ने कहा- जो हो रहा है वह मैंने पहले से ही निर्धारित कर रखा है :)

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  2. गीता में श्री कृष्ण ने भी कहा है -- जो हुआ अच्छा हुआ, जो हो रहा वह भी अच्छा ही हो रहा है और जो होगा वह भी अच्छा ही होगा
    थोड़ी आलोचना कर दूं -गीता में कृष्ण ने उपर्युक्त बात किस अध्याय में कब और कहाँ कही है ?
    अगर हिन्दू धर्म दर्शन का ऐसा ही छिछला ज्ञान रखेगें तो मैं भी हिन्दू धर्म के प्रतीकों पर पर चुटकी लेने पर आगे टोकूंगा :)

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  3. विवाद जरूर समाप्त हो गया होगा ... लेकिन आपकी चूतियापा सोच अभी तक कायम है ... आपने मेरे कमेन्ट को जिस तरह से संशोधित कर के जिस अक्लमंदी का परिचय दिया है उस से आपकी घटिया मानसिकता उजागर होती है ...

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  4. भाई PADMSINGH जी,
    आप किस टिपण्णी के विषय में बात कर रहे, में इस बारे में तो नहीं जानता पर आप अगर सभ्य भाषा में बात करे तो बहुत अच्छा होगा

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  5. आपकी टिपण्णी मुझे अच्छी नहीं लगी इसलिए मैंने उसे अपने ब्लॉग से मिटा दिया था, उसके बाद आपने टिपण्णी परिवर्तित करके प्रकाशित की ..... मैंने उसे अभी आपकी इस टिपण्णी के बाद पढ़ा है ....

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  6. मैंने अपने ब्लॉग पर टिपण्णी मोड़रेशन नहीं लगाया है ..... अगर लगाया होता तो अमित शर्मा जी की टिपण्णी को प्रकाशित ही नहीं करता ...... में अपने ब्लॉग से आपकी इन टिप्पणियों को भी नहीं मिटाउंगा ..... आपकी द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा से ही आपके स्तर का पता चलता है ...

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  7. गजेंदर जी,
    बढ़िया फैसला लिया है आपने ........पर अब ये टिपण्णी का कौनसा विवाद खड़ा हो गया ........ चालिया अब जल्दी से कोई अच्छी सी रचना पोस्ट कर दीजिये ......

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  8. Arvind Mishra जी,
    "जो हुआ अच्छा हुआ, जो हो रहा वह भी अच्छा ही हो रहा है और जो होगा वह भी अच्छा ही होगा"

    ये वाक्य तो हमने भी कई बार पढ़ा है पर ये नहीं पता की ये गीता से है या कही और से पर अच्छा विचार है ....

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  9. भाई गजेन्द्र जी .. मैंने यह टिप्पणी इसी लिए इस तरह से लिखी कि आप को समझ में आये कि जब बात अपने ऊपर आती है तो कैसी लगती है... जरा सी बात पर आप को मेरा स्तर पता चल गया और आपने अपनी पोस्ट को बड़ी ढिठाई से अभी तक ब्लॉग पर लगाए हुए हैं ... आपने अगर राम सीता के चरित्र का कोई उजला पक्ष ब्लॉग पर न डालकर हल्के स्तर का मज़ाक किया और इसे हास्य का नाम दिया ... जिसपर कुछ वर्ग के लोगों के कलेजे भी ठन्डे हुए हैं ... ये ठीक बात है कि आप अपने ब्लॉग पर जो मर्जी लिखें लेकिन ये हम सभी ब्लोगर्स की ज़िम्मेदारी बनती है कि समाज को कुछ सार्थक और पोजिटिव देने की चेष्टा करें... नहीं तो हिंदी ब्लोग्स निरा लफ्फाजी के अड्डे बन जायेंगे ... आपने सीता और राम के प्रति जो मज़ाक के अंदाज़ में पोस्ट लिखी है उस से राम और सीता के चरित्र पर कोई आंच नहीं आने वाली है ... लेकिन ये हमारी नियति और सोच पर निर्भर करता है कि हम किस चीज़ को किस नज़रिए से देखते हैं ... अगर कोई आपके परिवार या आपके बारे में बेहूदी बातें अपने ब्लॉग पर लिखे और फिर वोटिंग मशीन लगाये लोगों का मत जानने के लिए तो आप बताएं कैसा लगेगा ... अगर इतनी सी बात आपकी समझ में नहीं आती तो मै और क्या कहूँ ... हास्य और फूहड़ता में अंतर बनाए रखें ... ब्लॉगर साथी होने के नाते आपको मेरा सुझाव और अनुरोध है ...

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  10. एक चीज़ और बताना चाहूँगा कि मै कर्मकांड और पूजा पाठ जैसे आडम्बर में विश्वास नहीं रखता हूँ लेकिन किसी भी चरित्र चाहे राम कृष्ण हों अथवा यीशु या नानक ... सब के चरित्रों के उजले पक्ष पर ध्यान रखना चाहता हूँ ... ब्लॉग पढ़ने में बहुत कीमती समय इस्तेमाल होता है ... ऐसे में या तो स्वस्थ ज्ञान मिले या स्वस्थ हास्य व्यंग्य तो अच्छा लगता है ... बाकी आपकी मर्जी ... लेकिन एक तो अच्छाई है ... पहले की पोस्टों में आपको जीरो कमेन्ट मिले हैं लेकिन विवादास्पद पोस्ट पर पचास से ऊपर ... तो ये फंडा आपका पसंद आया कि .. विवाद पैदा करो और कमेन्ट खींचो ... चलिए लगे रहिये ... हमारी शुभकामनाएँ आपके साथ है

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  11. PADMSINGH जी,
    अगर आपके पास थोडा समय हो तो आप विवादित पोस्ट की टिप्पणियों को ध्यानपूर्वक पढ़े, इस पोस्ट की प्रसंसा करने वालो में कुछ नामचीन ब्लॉगअर भी है .... अगर में इस पोस्ट को अपने ब्लॉग से हटा देता हूँ तो क्या ये उन 98 वोटरों से धोखा नहीं होगा .....

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  12. और जहा तक बात है किसी का अनादर करने की तो मेरा ये इरादा कभी नहीं था और न कभी होगा ...... मेरी नजरो में सभी धर्मो का आदर सामान है फिर चाहे वो श्री राम जी हो, अल्लाह हो, गुरु नानक जी हूँ या फिर यीशु हो .

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  13. और रही बात सलीम खान जी की तो आज की दुनिया में खून के रिश्तो में ही सबसे ज्यादा विश्वाशघात होता है, ब्लॉग जगत में आप भी मेरे लिए उतने ही मित्र है जितने सलीम खान जी है ............ आप मेरे ब्लॉग पर आये अपनी टिपण्णी की, भले ही वो आलोचना में की ..... आभारी हूँ आपका .

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  14. गजेन्द्र जी,
    आप ब्लॉग जगत में सक्रीय रहेंगे ये जान कर अच्छा लगा पर आते ही ये कौनसा विवाद खड़ा कर दिया..........
    हमें तो आप से उम्मीद है कि आप जल्दी सी एक प्यारी सी पोस्ट को अपने ब्लॉग पर प्रकाशित करे और इस विवाद को यही ख़त्म करे .........

    PADMSINGH जी आप अपनी राय देने के लिए स्वतन्त्र है, आप से निवेदन है कि इस विवाद को और न बढ़ाये ..... गजेन्द्र जी भी हमारी तरह अभी ब्लॉग कि दुनिया में नए है ..... धीरे धीरे सब शीक जायेंगे ........

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  15. और हा गजेन्द्र जी,
    मुल्ला कि कहानी कि अगली कड़ी का इंतजार रहेगा .......

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  16. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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  17. कोई अच्छी सी रचना तो पोस्ट कर दीजिये या अभी और भी समय लगेगा ........... अछालगा आपके विचार पढ़कर

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  18. पहले की पोस्टों में आपको जीरो कमेन्ट मिले हैं लेकिन विवादास्पद पोस्ट पर पचास से ऊपर ... तो ये फंडा आपका पसंद आया कि .. विवाद पैदा करो और कमेन्ट खींचो ... चलिए लगे रहिये ... हमारी शुभकामनाएँ आपके साथ है

    भाई PADMSINGH जी,

    इस का कारण यह है कि मेरा ब्लॉग पहले चिट्टाजगत या किसी अन्य साईट पर रजिस्टर्ड नहीं था ........... जबकि अब ये कई सरे अग्रीगेटर पर उपलब्ध है ....

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  19. @गजेन्द्र जी ,

    इस मुद्दे पर आपसे सहमत था और अभी भी हूँ ,अब इस विवाद को खत्म करिये ,आपकी नई और मजेदार व्यंग्य से भरपूर पोस्ट का इन्तेज़ार है हम सबको

    अगर समय हो तो इस व्यंग्यात्मक पोस्ट पर भी अपनी राय दें

    http://blog-parliament.blogspot.com/2010/09/blog-post_20.html

    महक

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  20. अच्छी बात है अब नई पोस्ट पढ़वाइए

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  21. अगली बार पंगा हो तो पोल लगा देना... सुलझ जाएगा...

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  22. ...rochak blog hai ... par yahaan kuchh dhamaal chal rahaa hai ... fursat ke kshanon men aakar dekhtaa hoon .......!!!!

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  23. मियां आप तो बहुत डरपोक किस्म के व्यक्ति है आपने मेरी बहुत संयमित भाषा में की गई आपकी आलोचना को भी हटा दिया।

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  24. Rakesh Shekhawat, जी
    आपने कौन सी टिपण्णी कि थी ये मुझे पता नहीं , फिर भी अगर आपको ऐसा लगता है तो क्षमा चाहूँगा... आप अपनी टिपण्णी दोबारा कर सकते है ... मेरे ब्लॉग पर कोई मोड़रेशन लागु नहीं है .....

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कृपया अपनी प्रतिक्रिया देते समय संयमित भाषा का इस्तेमाल करे। असभ्य भाषा व व्यक्तिगत आक्षेप करने वाली टिप्पणियाँ हटा दी जायेंगी ...